ब्यूरो: मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को गंभीर और सुनियोजित अपराध मानते हुए कहा कि केवल उम्रकैद देना पर्याप्त नहीं होगा। हालांकि, यह निचली अदालत का फैसला है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे चुनौती दी जा सकती है।  
मामला अमित कश्यप की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि दोनों ने अमित का गला दबाकर उसकी जान ली और बाद में घटना को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की। इसी वजह से यह मामला चर्चित रूप से ‘सांपकांड’ के नाम से जाना गया।
जांच के दौरान पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया। मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखा। 7 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन और पीड़ित पक्ष के वकीलों ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए मृत्युदंड की मांग की। वहीं, आरोपियों ने अपने परिवार और बच्चों की देखभाल का मुद्दा उठाया। रविता ने अपने तीन बच्चों का जिक्र किया, जबकि अमरदीप ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिंता जताई।
अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया और तीनों बच्चों की देखरेख, शिक्षा तथा पालन-पोषण की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए।
इस फैसले के बाद अमित के परिवार ने न्याय मिलने की बात कही। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
